इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिरता और मजबूती दिखाई। सप्ताह की शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीएसटी दरों को सरल बनाने और हालिया रेटिंग अपग्रेड की खबरों से बढ़ा। इसका असर सीधा सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा, जिन्होंने लगातार बढ़त दर्ज की।
सबसे ज्यादा फायदा ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर को हुआ, जहाँ कंपनियों के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली। घरेलू मांग में सुधार और रिटेल निवेशकों के भरोसे ने इस तेजी को और मजबूत किया।
हालांकि शुक्रवार को बाजार पर दबाव नजर आया। अमेरिकी शुल्क को लेकर चिंता और फेडरल रिज़र्व की नीति को लेकर स...
इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिरता और मजबूती दिखाई। सप्ताह की शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीएसटी दरों को सरल बनाने और हालिया रेटिंग अपग्रेड की खबरों से बढ़ा। इसका असर सीधा सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा, जिन्होंने लगातार बढ़त दर्ज की।
सबसे ज्यादा फायदा ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर को हुआ, जहाँ कंपनियों के शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली। घरेलू मांग में सुधार और रिटेल निवेशकों के भरोसे ने इस तेजी को और मजबूत किया।
हालांकि शुक्रवार को बाजार पर दबाव नजर आया। अमेरिकी शुल्क को लेकर चिंता और फेडरल रिज़र्व की नीति को लेकर सावधानी ने निवेशकों को मुनाफा वसूली की ओर धकेला, जिससे सूचकांकों में हल्की गिरावट आई। लेकिन पूरे सप्ताह का बैलेंस पॉज़िटिव रहा और बाजार ने मामूली बढ़त के साथ हफ्ते का समापन किया।
यह रुझान बताता है कि भारत की अर्थव्यवस्था और घरेलू खपत की ताकत फिलहाल वैश्विक दबावों से कहीं ज्यादा मजबूत है।